जब सब्र का पैमाना छलक गया : samajik kahaniya
Post View 13,633 सुधा सुबह जल्दी-जल्दी काम निबटा रही थी। आज वह मां से मिलने जाना चाहती थी। रात को उनका फोन आया था के वे बीमार थीं और उससे मिलना चाहती थी। बहु को जल्दी काम निबटाते देख उसकी सास केतकी बोली बहु कहीं जाना है क्या? तुम जल्दी काम निबटा रही हो। … Continue reading जब सब्र का पैमाना छलक गया : samajik kahaniya
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