जब जागो तभी सबेरा  – कमलेश राणा

Post View 1,117 अरे विभा बड़े दिनों बाद दिखाई दी हो आज, तुम तो बिल्कुल ईद का चाँद हो गई हो।  बस घर गृहस्थी के कामों से कहाँ फुर्सत मिलती है यार.. वैसे तुम्हें शायद मालूम नहीं कि मैं सुमित के साथ दुबई शिफ्ट हो गई हूँ।  अरे वाह तो मेरी सखी परदेशी हो गई … Continue reading जब जागो तभी सबेरा  – कमलेश राणा