जब जागो तभी सवेरा – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi

Post View 25,555 सत्रह वर्षीया रिया ने पुलक कर स्मिता के गले में बाहें डालकर कहा,”- पता है दीदी… आप मेरे साथ मेरे कमरे में रहोगी। माँ ने आपके रहने का प्रबंध मेरे ही कमरे में करवाया है। कितना मजा आएगा ना। हम दोनों देर रात तक खूब सारी बातें करेंगे!”                   उसकी मासूमियत पर मुस्कुरा … Continue reading जब जागो तभी सवेरा – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi