“इश्क ” एक गुनाह (भाग-4) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

Post View 521 वो हवेली पहुंचा तो उसका मूड ऑफ हो चुका था। आज तक ऐसा उसके साथ कभी नहीं हुआ था। वो सीधे अपने रूम में चला गया। फूलचंद मानवेंद्र सिंह के पास गया। फूलचंद सब कुछ ठीक रहा?? बड़े सरकार !  हुक्म सा पूरे रास्ते कुछ ना बोले। तुमने कुछ नहीं पूछा। नहीं … Continue reading “इश्क ” एक गुनाह (भाग-4) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi