*इंतजार* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Post View 381        पता नही यह सज्जू कितनी देर में आयेगा।प्यास के मारे गला और होंठ सूखे जा रहे हैं।भगवान अपने पास भी तो नही बुला रहा।         पलंग पर पड़े पड़े ओमप्रकाश जी,अपने नौकर सज्जू पर खीझ रहे थे,उसे बाजार भेजा था,आ जाना चाहिये था,पर काफी देर हो गयी थी,आया नही।उन्हें जोर से प्यास लगी … Continue reading *इंतजार* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi