हूँ तो मैं भी पिता ही ना!! कोई पत्थर तो नहीं…. – चेतना अग्रवाल

Post View 618 वह उसके कलेजे का टुकड़ा थी… ये बात आज तक कोई ना जान सका। आज जब सुबह रेवती जी सौरभ जी के लिए चाय लेकर कमरे में पहुँची तो देखा वो उसकी तस्वीर हाथों में लेकर फूट-फूटकर रो रहे थे, उन्हें रोता देख रेवती जी की आँखों में भी आँसू आ गये। … Continue reading हूँ तो मैं भी पिता ही ना!! कोई पत्थर तो नहीं…. – चेतना अग्रवाल