हनीमून – नीरजा कृष्णा

Post View 659 ताई जी अपने प्यारे भतीजे कुणाल के विवाह में सम्मिलित नही हो पाई थीं। अब वो सबसे मिलने कुछ दिनों के लिए आई थीं…बहू सुकन्या से मिलने का विशेष चाव था। साथ ही देवरानी यशोदा भी बीमार थीं…एक पंथ दो काज…सोच कर वो चली आई थीं।   उन्हें सुकन्या का सान्निध्य बहुत … Continue reading हनीमून – नीरजा कृष्णा