हरी चूड़ियाँ – ऋता शेखर ‘मधु’

Post View 22,339 ऑफिस जाते समय ट्रैफिक सिग्नल पर दो मिनट के लिए रुकना रोजमर्रा की बात थी| जब गाड़ी वहा़ँ पर रुकती तो कार का शीशा खटखटा कर अपने हाथ फैलाने वाले उन विशेष टोली के सदस्यों को देखना भी आम हो चुका था| उस समय नेहा कभी शीशा उतारने के लिए सोच नहीं … Continue reading हरी चूड़ियाँ – ऋता शेखर ‘मधु’