“हाँ,मैं स्वार्थी होना चाहती हूँ” – ऋतु अग्रवाल

   “मम्मा मेरी यूनिफार्म प्रेस कर दो, मुझे स्कूल के लिए देर हो रही है।”         “बेटा, मैं आपका और आरव का टिफिन पैक कर रही हूँ।आप खुद कर लो।”           “क्या मम्मा! आपने मेरी यूनीफॉर्म कल प्रेस क्यों नहीं की? आपको पता है ना कि मुझे कपड़े प्रेस करना नहीं आता।” युक्ता झल्लाते हुए बोली।         “तो सीख … Continue reading “हाँ,मैं स्वार्थी होना चाहती हूँ” – ऋतु अग्रवाल