घर में शांति होनी चाहिए । – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

Post View 109,759 “नीलेश तुम सुबह खाने का डिब्बा घर पर ही भुल गये, अब मै कितना याद रखूं? खाना बनाकर देती हूं, वही काफी है, घर देखूं, बच्चे देखूं, या तुम्हें देखूं, मेरी तो जिन्दगी ही चकरघिन्नी हो गई है, पता नहीं मैंने तुमसे शादी ही क्यों की ? मेरी तो जिन्दगी ही नरक … Continue reading घर में शांति होनी चाहिए । – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi