“गम उठाने के लिए मैं तो जिए जाता हूं” – सुधा जैन

Post View 701   मैं एक हंसता खिलखिलाता जिंदादिल पुरुष था। मेरे पास एक प्यारा सा दिल और ढेर सारे अरमान थे। बचपन में मेरी परवरिश सौतेली मां के हाथों हुई, मैं बड़ा तो हो गया पर दिल के किसी एक कोने में मां के प्यार की कमी रह गई। मन कभी-कभी बेचैन हो जाता … Continue reading “गम उठाने के लिए मैं तो जिए जाता हूं” – सुधा जैन