गाजर मूली समझना – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi
Post View 667 रानी ओ रानी , कहाँ मर गई , अब घरवालों ने नाम रानी रख दिया तो क्या सच में ही ख़ुद को रानी समझने लगी , कबसे आवाज़ दे देकर मेरा गला सुख गया , ज़िंदा है या मर ही गई आज??? शांति देवी ने कामवाली रानी को बुलाने के लिए पूरा … Continue reading गाजर मूली समझना – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi
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