गाल फुलाना – डॉ हरदीप कौर (दीप) : Moral Stories in Hindi

Post View 481 वीणु अपनी मां से गाल फुलाकर बैठी थी,क्योंकि आज पिताजी उससे नाराज हो गए थे। छुट्टी का दिन था।पिताजी जब काम पर गए तो वह सो रही थी। लेट उठी। उठकर फ्रेश हुई।नाश्ता किया और लैपटॉप लेकर बैठ गई। सुबह से लैपटॉप पर वीडियो देखना, दोस्तों से  बात करना और गेम खेलना … Continue reading गाल फुलाना – डॉ हरदीप कौर (दीप) : Moral Stories in Hindi