फर्ज – मंजू सक्सेना : Moral Stories in Hindi

Post View 15,180 सुनीता गेट पर खड़ी थीं और उनकी नजरें एयरपोर्ट की तरफ जा रही गाड़ी पर टिकी थीं। अमित और उसकी पत्नी सुलक्षणा को छोड़कर अभी-अभी वह वापस लौटी थीं। मन में अजीब सी कशमकश चल रही थी। पड़ोसन मालती ने जब पूछा, “क्या हुआ, भाभीजी?” तो सुनीता का गुस्सा फूट पड़ा। “अरे… … Continue reading फर्ज – मंजू सक्सेना : Moral Stories in Hindi