ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं – कमलेश राणा

Post View 233 हमारी एक पड़ोसन थी,, बहुत अच्छी कढ़ाई करती थी,, डिज़ाइनें भी जाने कहाँ से लाती थी,, बड़ी सुंदर सुंदर,, यह उन दिनों की बात है जब मोबाइल नहीं हुआ करते थे,, आजकल तो जो चाहो, अलादीन के जिन की तरह पल में हाजिर हो जाता है,, उसमें भी इतनी वैरायटी होती है … Continue reading ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं – कमलेश राणा