Post View 652 तेज मुसलाधार बारिश हो रही थी।सुमि का बावरा मन आज फिर मचल रहा था,उस नदी को तैरकर पार करने के लिए मगर एक ऐसी बेड़ी थी,जो उसे जकड़े हुए थी।मन में एक बवंडर सा उठ रहा था।वह समझ नहीं पा रही थी कि उसके साथ क्या हो रहा है। तभी ‘लोट जाओ … Continue reading एक वादा – पुष्पा जोशी
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