एक साड़ी ही तो है! – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

Post View 35,250  “अपनी सास के सामने कैंची की तरह जुबान चलाए जा रही है, हिम्मत तो देखो इस लड़की की । दादी सास का भी लिहाज़ नहीं है।” कहते हुए कामिनी  जी अपनी बहू रिया को सुना सुना कर कोसे जा रही हैं “आने दो सुनील  को। सब बातें बताउंगी उसे।  उसे  भी तो … Continue reading एक साड़ी ही तो है! – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi