एक रात ऐसी भी – श्रद्धा निगम

Post View 3,268 आस्था हड़बड़ा कर तेज़ कदमो से रेलवे प्लेटफॉर्म की तरफ भागी। ट्रैन आ चुकी थी,राजीव पर मन ही मन गुस्सा हो रही थी।हमेशा ही ऐसा होता है, लेटलतीफी..आज तो उसे केवल जाना था,गाड़ी भी कम समय के लिए रुकती थी।बहरहाल किसी तरह अपने कूपे में चढ़ी, राजीव ने सामान रखा, और ट्रेन … Continue reading एक रात ऐसी भी – श्रद्धा निगम