*एक नजरिया यह भी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Post View 164     सुनो,मनोज बेटा देखो कुछ मजदूर नेता मजदूरों को भड़का रहे हैं,तुम मजदूरों से बात करके,उन्हें हड़ताल करने से रोकने का प्रयास करो।तुम्हे मेरी ओर से फ्री हैंड है।बस हड़ताल नही होनी चाहिये।       मैं पूरी कोशिश करता हूँ बाबूजी।          मनोज के पिता स्वयं मजदूर थे,इस कारण उसे मजदूरों के मनोविज्ञान की जानकारी थी,साथ … Continue reading *एक नजरिया यह भी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi