Post View 985 यश को जब मैंने पहली बार देखा था तब वो गोरा चिट्टा प्यारा सा शर्मीला सा 10-12 साल का बच्चा था,, जो मेरे सामने आने में भी शरमा रहा था और अपनी माँ के पीछे दुबका ही जा रहा था,, उसकी वो भाव भंगिमा आज भी मुझे वैसी ही याद है जैसे … Continue reading एक मुट्ठी आसमान – कमलेश राणा
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