एक मिसाल.. फर्क और फर्ज की – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

Post View 966 इतनी सवेरे सवेरे आज फोन किया है भाई.. क्या बात है.. राजीव का फोन रिसीव करते ही वीणा के मुंह से निकला! वह.. थोड़ा रुक कर.. फोन पर नहीं बता सकता.. आज तो तेरी छुट्टी होगी ना.. टाइम निकाल कर घर आ जा! राजीव की आवाज में काफी संजीदगी थी.. उसने अनमने … Continue reading एक मिसाल.. फर्क और फर्ज की – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi