एक भूल …(भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

Post View 617 अब आगे •••••••••• राजकुमार मणिपुष्पक के आगमन से वर्षों से सूने पड़े राजमहल का कण कण मानों खिल उठा। आनन्द और प्रसन्नता की बयार बहने लगी। महारानी अनुराधा तो मानों पुत्र का मुख देखकर ही सॉसें लेती थीं। राजकुमार की बाल सुलभ क्रीड़ाओं और चेष्टाओं को देख-देख कर  महाराज और महारानी स्वयं … Continue reading एक भूल …(भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi