एहसास जिम्मेदारी का – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

Post View 17,695 “अरे ! , तुम आ गई  अपने मायके से?”सूरज ने चौंक कर रोशनी को देखा जो घर में घुसते ही उसे दिखी। “कितने दिन से घर में उदासी थी आज आई हो तो सच में रोशनी लौट आई है तुमसे…” उसके करीब आते वो बोला। जाओ…जाओ…इन किताबी बातों को अपने उपन्यास में … Continue reading एहसास जिम्मेदारी का – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi