ड्यूटी – कल्पना मिश्रा

Post View 1,969 *** “छुटकी बहू ,ज़रा एक गिलास पानी दे देना।” “उफ़्फ़,, अब मेरे अकेले से नही होता।  एक ही लड़के को पैदा नही किया, सबको किया है। अब दो-दो महीने सब लोग अपने साथ ले जायें और बैठाकर सेवा करें” बड़बड़ाते हुये बहू ने पानी लाकर रख दिया। “पापा जी,आप अब थोड़े-थोड़े दिन … Continue reading ड्यूटी – कल्पना मिश्रा