दुलारी सिम्मी – माता प्रसाद दुबे

Post View 577 नन्ही सी बच्ची को गोद मे लिए सिम्मी एक कोने मे चुपचाप बैठी अपने अतीत के बारे मे सोच रही थी।”क्या ये वही घर है..वही लोग है..जहा वह सबकी आंख का तारा थी..वह उदास होती थी तो पूरा घर परेशान हो जाता था..वह हंसती थी तो सभी खिल-खिलाकर हंसते थे..पर आज उसके … Continue reading दुलारी सिम्मी – माता प्रसाद दुबे