दृष्टि की कुदृष्टि – मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi
Post View 27,734 उस दिन सुबह में सोमेश के घर कोहराम मचा हुआ था। उसकी पत्नी घर से गायब थी। सुबह में जब सोमेश की आंँखें खुली तो करवट बदलने पर उसने देखा कि उसकी नवोढ़ा पत्नी बिस्तर पर नही है। पहले तो उसने समझा कि हो सकता है बाथरूम वगैरह गई होगी। किन्तु कुछ … Continue reading दृष्टि की कुदृष्टि – मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi
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