धूप-छाँव का खेल – शकुंतला अग्रवाल ‘शकुन’

Post View 3,048 लखपति,करोड़पति तो उसको कहना बहुत छोटा शब्द है। वह तो धनकुबेर है। तभी उसकी नजर सदा गगन को छेदती रहती है, जमीन पर तो कभी पड़ती ही नहीं।  ऐसा हो भी क्यों नहीं ,पंछी की तरह उसने तो आकाश नापना ही सीखा है। पर कहते है ना कि धरातल से जिसकी पकड़ … Continue reading धूप-छाँव का खेल – शकुंतला अग्रवाल ‘शकुन’