धिक्कार है – प्रेमलता माथनकर: Moral stories in hindi

Post View 43,223 निशिता का ऑपरेशन हुआ था।वो अस्पताल में थी।साथ में थे पति(तन्मय),बड़ी ननद और बच्चे। ननद बच्चों को संभालने के लिए आई हुई थी,,क्योंकि बेटी 3 ही महीने की थी।उसे किसी के पास छोड़ने का निशिता सोच भी नहीं सकती थी। ननद ने अचानक उससे कहा_”जरा अपना फोन देना एक कॉल कर लूं,मेरे … Continue reading धिक्कार है – प्रेमलता माथनकर: Moral stories in hindi