दर्द  –  के कामेश्वरी

Post View 16,051 मालती जी अपने कमरे से धीरे धीरे चलते हुए बाहर निकल कर आई और अभी वे पिछवाड़े की तरफ़ जाने ही वाली थी कि रमा ने उन्हें रोकते हुए कहा कि माँजी आप भी इतनी सुबह सुबह उठकर कहाँ जा रही हैं । आपको ऑफिस या स्कूल कॉलेज तो नहीं जाना है … Continue reading दर्द  –  के कामेश्वरी