चुप्पी का राज – संगीता श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi
Post View 79,352 ” पुरूष! पुरूष हो तुम! पुरुष होने का दंभ भरते हो ? मेरी जिंदगी को बर्बाद करके क्या मिला तुम्हें? क्या फर्ज किया पति होने का, बताओ तो सही? पत्नी हूं तुम्हारी!! क्या समझ रखा है मुझे, अबला! अबला जरूर हूं लेकिन तबला नहीं जिसे जैसे चाहो ,जब चाहो, बजा दो। मैं … Continue reading चुप्पी का राज – संगीता श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed