चाहत एक स्वेटर की – सुषमा यादव
Post View 1,470 एक साल बहुत अधिक ठंड पड़ रही थी,,उस पर पूस की हड्डी तोड़ कंपकंपाती ठंड,, एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा कहावत सार्थक करती वर्षा की फुहारें,, स्कूल में पूरा स्टाफ अपने को ठंड से निजात पाने के लिए खूब पहन ओढ़ कर सिसियाते बैठा था ।। मैं भी किसी तरह … Continue reading चाहत एक स्वेटर की – सुषमा यादव
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