Post View 646 आरज़ू को मेरी तुनें जाना ही नहीं बस खुद से तुनें फैसला कर लिया एक बार सुन तो लेते अगर मेरी तमन्ना क्या थी….. आरजू जो हमेशा बुर्के में रहा करती थी, उसके चेहरे को कभी किसी बाहर वालो ने नहीं देखा, उसकी सहेली “चाहत” हमेशा उसके साथ रहती थी,एक दिन एक … Continue reading बुर्क़े वाली – दीपा शाहु
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