“भेद नजर का”(भाग 2 ) – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

Post View 93,140 शहर के एक महंगे होटल में लड़की देखने की व्यवस्था लड़की वाले ने की थी। लड़की तो समान्य थी। नयन नक्स भी उतने तीखे नहीं थे   लेकिन उनके  खातिर दारी और तैयारियों के चकाचौंध में सभी ने लड़की पसंद कर लिया। लड़की के पिता ने बिन मांगे ही बिदाई में उपहारों … Continue reading “भेद नजर का”(भाग 2 ) – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा