“बेटी अपनी तो बहू भी अपनी” – ऋतु अग्रवाल
Post View 32,057 “सिमरन, ले ये पाँच हजार रुपए। तू अपने और बच्चों के कपड़ों के लिए रख ले और हाँ, जब मैं सबके सामने तुझे विदाई दूँगी तब इन रुपयों का जिक्र मत करना। उन रुपयों में यह पाँच हजार रुपए मिलाकर कुछ अच्छा सा ले लेना।” आशा जी ने सिमरन को अपने पास … Continue reading “बेटी अपनी तो बहू भी अपनी” – ऋतु अग्रवाल
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