बेटी की पुकार  –  मंजू तिवारी

Post View 506  हे प्रभु सुना है  कि तूने नारी की रचना बड़ी फुर्सत से की है और इसकी रचना करने में आपको बहुत समय लगा सहनशीलता साहस ममता करुणा दया सृजनशील वह सारे गुण आपने उसे दिए जो प्रभु आप में है प्रभु तूने  तो एक नारी रूपी रत्न गढा था रत्न बहुत बहुमूल्य … Continue reading बेटी की पुकार  –  मंजू तिवारी