बेटी ही रहने दो – गीता चौबे “गूँज”
Post View 991 फोन का रिसीवर रखने के बाद रजनी के मन में अपनी बिटिया रंजीता के आखिरी शब्द बहुत देर तक गूँजते रहे… ‘बेटी को बेटी ही रहने दो, उसे बेटा मत बनाओ…’ रजनी अवाक रह गयी और गहराई से सोचने लगी कि उससे चूक कहाँ हुई। इतना आक्रोश कैसे भर गया उसकी बेटी … Continue reading बेटी ही रहने दो – गीता चौबे “गूँज”
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