बेचारे मूलचंद जी –   विभा गुप्ता: Moral Stories in Hindi

Post View 200  बालक मूलचंद जब स्कूल जाते थे..अपने मित्रों को अपने पिता से हठ करने की बातें सुनते तो उनकी ही बड़ी इच्छा होती थी कि वो भी हठ करने का स्वाद चखे।बस.. एक दिन अपने पिता से हठ कर बैठे कि दो पहिये की साइकिल चाहिये ही वरना स्कूल नहीं जाऊँगा।जवाब में पिता … Continue reading बेचारे मूलचंद जी –   विभा गुप्ता: Moral Stories in Hindi