बस अब और नहीं! – प्रियंका सक्सेना

Post View 361 “सीमा,ये क्या! तुम फिर किताब लेकर बैठ गई। आज तो तुम्हें ब्यूटी पार्लर जाना है। जाओ तैयार हो जाओ, भाभी के साथ चले‌ जाना।” माॅ॑ ने हाथ से किताब लेने का उपक्रम किया सीमा बोली,”माॅ॑,परसों मेरा बहुत जरुरी व्याख्यान है। तैयारी नहीं करूंगी तो कांफ्रेंस में हड़बड़ा जाऊंगी।” “हर समय काॅलेज दिमाग … Continue reading बस अब और नहीं! – प्रियंका सक्सेना