Post View 1,330 दिसम्बर की कड़कड़ाती सर्दी का मौसम था अत: उस 10-12 वर्ष की मासूम सी राधिका के लिए असहनीय था , वो इसलिए कि वो एक बंधुआ मजदूर थी । तन पर पहनने के उतरन के शिवाय उसके पास गरम कपड़े के नाम पर एक कर्कश सा कंबल था । ।घर का … Continue reading बंधुआ मजदूर – गोमती सिंह
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