बंद करो अपना नाटक – मनीषा सिंह : Moral stories in hindi
Post View 33,766 “प्रतिज्ञा बेटा स्नान कर ले— कई दिन हो गए तुमने स्नान नहीं किया ठंड भी कम हो गई है जा स्नान कर ले—- ।मैने गीजर ऑन कर दिया है ! फिर हम इकट्ठे ही नाश्ता करेंगे,! जल्दी जा अब—–। अंबिका जी नाश्ता की प्लेट लगाते हुए बोली । प्रतिज्ञा बूझे मन से … Continue reading बंद करो अपना नाटक – मनीषा सिंह : Moral stories in hindi
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