बहू नहीं बेटी हो हमारी-मुकेश कुमार

Post View 605 सिमरन कॉमर्स से ग्रेजुएट थी, वह एक कंपनी में अकाउंटेंट  की जॉब भी करती थी। वह एक खुले विचार की लड़की थी। पुरानी मान्यताओं  और कुप्रथाओं का हमेशा विरोध करती थी। उसकी नजर में लड़का और लड़की दोनों में कोई अंतर नहीं था।  शारीरिक रूप से भले ही लड़का और लड़की दोनों … Continue reading बहू नहीं बेटी हो हमारी-मुकेश कुमार