बड़की अम्मा-  भगवती सक्सेना गौड़

Post View 9,143 रजनी अपनी ताईजी के गले मे हाथ डाले झूल रही थी और बोल रही थी, “सुनो बड़की अम्मा वो गाना सुनाओ न तुम बहुत बढ़िया गाती हो, वो क्या है, अबके बरस भेज…” “नही रे, बहुत काम पड़ा है, इतने दिनों बाद तो तू मेरे पास आई है, वरना, जमाई बाबू कहाँ … Continue reading बड़की अम्मा-  भगवती सक्सेना गौड़