बड़का बिल्ला! – सारिका चौरसिया

Post View 831 संस्मरणों की दुनिया हठात् हमें हमारे अतीत के तरफ़ ले जाती है, जहां हमारे यादों के पिटारे में उम्र के भी दुगुनी-तिगुनी खट्टी-मीठी यादें और कुछ सुलझे कुछ अनसुलझे से फ़साने करीने से तह लगा कर रखे होते हैं,, कुछ यादें रुला जाती हैं और कुछ हँसी और खिलखिलाहटों की सौगात बनी … Continue reading बड़का बिल्ला! – सारिका चौरसिया