बाबुल – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

New Project 91

दो बहनों और एक भाई के बाद मेरा जनम हुआ था… जनम के दो महीने बाद हीं मां की मृत्यु हो गई… पापा और दादी ने कैसे मुझे पाला… थोड़ा समझदार होने पर जब दादी बताती तो आश्चर्य होता.. प्यार से मेरा नाम रखा निधि….. अपने पांचों बच्चों में पापा सबसे ज्यादा मुझे प्यार करते … Read more

बहन – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 97

   सुमन दी की बेटी की शादी का आग्रह भरा निमंत्रण पाकर मैं बहुत एक्साइटेड हो गई… फिर से बचपन से गुजर कर जवानी की दहलीज तक के सफर की अनमोल स्मृतियों से भरी उन गलियों में कदम रखना कितना सुखद होगा…                         रेलवे कॉलोनी में सुमन दी का परिवार मेरा परिवार और ठाकुर बिरेंद्र अंकल का … Read more

नाराज – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 88

दीपावली नजदीक आ रही है.. चारो तरफ त्योहार की धूम है.. कितनी जद्दोजहद और जलालत सहने के बाद आज समर के साथ बंधे बेमेल रिश्ते से मुक्ति मिली.. मंजुला सोच रही थी कि मैं इस फैसले से मुक्त होने पर खुशियां मनाऊं या फिर अपने अनिश्चित भविष्य को लेकर दुःखी हो जाऊं.. मैं अपनी किस्मत … Read more

हक – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

New Project 2

छोटे भाई राजा का फोन देखकर आश्चर्य हुआ.. बहुत दिनों बाद. कॉल बैक किया.. उधर से आवाज आई दीदी सप्तमी तिथि को पापा का श्राद्ध  का दिन पड़ा है. ओह पापा को दुनिया से गए एक साल हो गया.. उधर राजा बोल रहा था पहला पितृपक्ष  है इस बार इसलिए पंडित जी ने जैसे जैसे … Read more

अपना घर अपना घर होता है – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

New Project 48

 कंपनी राहुल को छः महीने के लिए विदेश भेज रही थी.…रति और तीन महीने की बेटी रूही को छोड़कर कर जाने का दिल नहीं कर रहा था राहुल। का…. रति की सास नही चाहती थी की रति और उनकी प्यारी पोती उनसे दूर जाए…छोटा भाई नीरज भी रूही को गोद में खूब घुमाता था रति … Read more

खानदान की इज्जत – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 40

वक्त कितना बदल गया है…और इस बदलते वक्त ने #खानदान की इज्जत #की परिभाषा को भी कितना बदल दिया है..नव्या आज इतने अच्छे रिश्ते को ना करने में जरा भी संकोच नहीं किया शुभम आईटी सेक्टर में इंजीनियर देखने में हैंडसम अच्छा छोटा परिवार शादी डॉट कॉम से बात चली थी… नव्या भी एमबीए कर … Read more

अशांति – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 72

 सुवर्णा मां बनने वाली है जब से टेस्ट रिपोर्ट देखने के बाद लेडी डॉक्टर  शुभ्रा बनर्जी  ने कन्फर्म किया, सुवर्णा अंदर से सिहर सी गई.. धीरे धीरे #अशांति #भय और घबराहट परछाई की तरह उसे घेरने लगी . सामान्य सी बात पर भी सुवर्णा अशांत हो जाती… पति  सुजीत के साथ मात्र दो महीने रह … Read more

कलंक – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104946.819

मायके की दहलीज पर कदम रखते हीं बचपन अठखेलियां  करने लगता है.. आस पड़ोस की बुआ चाची स्कूल कॉलेज की सखियां शिक्षक शिक्षिकाओं  के चेहरे आंखों के सामने घूमने लगते हैं..         सब की खैरियत पूछने के क्रम में मैने लाली चाची का जिक्र किया.. मां उदास होकर बोली लाली नही रही… ओह..                        मुहल्ले के बेहद … Read more

मेरा अधूरा प्यार – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 56

जब भी सावन का महीना आता है जाने क्यों गौरी तुम्हारी यादें तुम्हारी बातें और तुम्हारा वो पूरे अधिकार से मुझे आदेश देना दीपक तुम्हे आईईएस (इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विस)निकालना हीं होगा.. स्मृतियों के बंद झरोखों से पछुआ हवा सा  आस पास मंडराने लगते हैं.. और उस रोज शाम के समय अस्सी घाट की सीढ़ियों पर … Read more

मतभेद, – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 49

एक सप्ताह के लिए ऑफिस के काम से अपने शहर में अर्थात मायके जाने का मौका मिला है.. मां के साथ कुछ खूबसूरत सकूं भरे पल बीतेंगे सोच कर कितना अच्छा लग रहा है…                     जानी पहचानी सी सड़क और आड़ी तिरछी गलियों से होकर पहुंच हीं गई अपनी मां के पास…शुभाआ मां गले से लग … Read more

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