खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 4) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रमेश की जिद के आगे हमने घुटने टेक दिए  और रीमा शादी करके यहां दुल्हन बनकर आ गई , उस दिन से यह घर हमारा कम और रीमा के माता पिता , भाई – बहन का ज्यादा हो गया , आए दिन वे लोग यहां रहने चले आते !! रीमा … Read more

खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 3) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बनवारी काका की आंखों के सामने पली बढी प्रिया पर बनवारी काका को पहले से ही खुब विश्वास था !! वे बोले बेटा , तेरे भाई भाभी के राज में तेरी मां की हालत दयनीय हो गई हैं , अच्छा हुआ जो तु आ गई , शायद अब तेरी मां … Read more

खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 2) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : यहां प्रिया भी राज से मिलने के लिए बेकरार थी !! एक दिन रमेश के घर पर ना होने पर प्रिया घर से अपनी सहेली का बहाना बनाकर राज से मिलने पहुंची और बोली राज मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती , हमें भागकर शादी करनी होगी वर्ना मेरे घरवाले … Read more

खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 1) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राज , अभी की अभी मेरी इंडिया की टिकट निकलवाओ , मुझे इंडिया जाना हैं रोते हुए फोन पर बोली प्रिया !! प्रिया हुआ क्या हैं ?? तुम इतना रो क्यूं रही हो और अचानक इंडिया क्यूं जाना हैं तुम्हें ?? ऑफिस से राज बोला !! प्रिया बोली पापा नहीं … Read more

आत्मग्लानि (अंतिम भाग) – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बेटा , बस यही वजह थी कि वह घर के कामों से बचने के लिए मुझे भी कहीं आने जाने नहीं देना चाहती थी , मैं जिसे उसका प्यार समझती थी वह उसका स्वार्थी पना था बस ओर कुछ नहीं , मुझे बड़ी देर से सब समझ में आया !! … Read more

आत्मग्लानि (भाग 3) – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : एक दिन कावेरी जी फोन पर स्वरा से बोली कि कैसे वह घर के सारे काम काज संभाल लेती हैं और बहु नेहा नौकरी पर जाती हैं !! नेहा मुझसे बहुत प्यार करती हैं बेटा और कहती हैं सासु मां आप इस उम्र में भी कितनी एक्टिव हैं और इतना … Read more

आत्मग्लानि (भाग 2) – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : स्वरा की सासू मां गायत्री जी बोली कि उन्हें स्वरा के नौकरी करने से कोई आपत्ति नहीं बस फिर क्या था स्वरा और राहुल का रिश्ता तय हो गया , शादी के बाद पंद्रह दिन तो घूमने फिरने और रिश्तेदारों के यहां आने जाने में निकल गए इसलिए स्वरा के … Read more

आत्मग्लानि (भाग 1) – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पापा नितिन के घरवाले नहीं चाहते कि मैं शादी के बाद नौकरी करूं और अगर नौकरी करूं भी तो घर के सारे काम मुझे ही करने होंगे ऐसा नितिन का कहना हैं इसलिए मैं नितिन से शादी नहीं करना चाहती स्वरा अपने पापा गिरधारी जी से बोली !! गिरधारी जी … Read more

बहु जब लड झगड़कर अपने मायके पहुंची तब उसे हुआ आत्मग्लानि का एहसास !! (भाग 3 ) – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : दरवाजे पर खड़ी आभा सास ससुर की यह सारी बातें सुन लेती है और अपने कमरे में आकर राज से कहती हैं कि हमारा इस बार का नाटक भी मुझे फेल होता नजर आ रहा हैं राज !! राज बोला क्यूं क्या हुआ आभा ?? इतने सब के बाद तो … Read more

बहु जब लड झगड़कर अपने मायके पहुंची तब उसे हुआ आत्मग्लानि का एहसास !! (भाग 2 ) – स्वाति जैन : Moral Stories in Hindi

 Moral Stories in Hindi : खत पढ़ते पढ़ते मगनलाल जी को लगा जैसे उनके पीछे कोई खडा हैं उन्होने पीछे देखा तो चंदाजी खड़ी थी !! वे बोली क्या पढ़ रहे हैं जी ?? मगनलाल जी बोले तुम्हारी बड़ी बहू मायके जाने से पहले या खत लिखकर छोड़ गई है बस वही पढ़ रहा हूं … Read more

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