मीरा का नहीं केवल राधा का अधिकार – सुषमा यादव Moral stories in hindi

New Project 100

नीरजा अपने पति धीरज के साथ जिस शहर में रहती थी,उस मोहल्ले में बहुत सारे अच्छे परिवार रहते थे। उन्हीं में से एक मिश्रा जी का परिवार भी रहता था। वो उसी गांव के पास के रहने वाले थे जहां नीरजा और धीरज का भी गांव था।  इसलिए दोनों परिवारों में बहुत आना जाना लगा … Read more

जो मेरे साथ हुआ वो तुम्हारे साथ नहीं होगा – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

अपनी बेटी भावना अब बीए पास कर चुकी है,अब इसके लिए लड़का देखना चाहिए, ताकि हम इस साल इसकी शादी कर सकें। हैं ना सुधा। सुधा के पति रमेश ने कहा।  सुधा ने कहा, अभी तो उसने बीए ही पास किया है,उसका अभी और भी पढ़ने का मन है, तो पढ़ने दीजिए, और अभी उसकी … Read more

बहू के माता-पिता की अहमियत – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

यह बहुत सालों पहले की कहानी है,जब परम्पराओं का बहुत ही कठोरता से पालन किया जाता था। बेटी के घर का पानी पीना भी पाप समझा जाता था। सब स्त्रियां कितनी भी उम्रदराज क्यों ना हों,लंबा घूंघट हर समय चेहरे पर रहता।मजाल है कोई उनका चेहरा देख ले। माधुरी की सासू मां ने एक दिन … Read more

गिन गिन कर पैर रखना। – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

New Project 88

माधुरी के पति के आफिस में एक क्लर्क अजय था। उसका किसी बात पर अपने साहब से वाद-विवाद हो गया था। साहब ने अपने एम डी से उसकी शिकायत की। उन्होंने उसे नौकरी से निकाल दिया ।माधुरी ने अपनी बेटी को बताया तो बेटी बहुत दुखी हुई। पर हम कर ही क्या सकते हैं,? मां … Read more

ना जाने कैसा जमाना आ गया है -सुषमा यादव : Moral stories in hindi

हाय रमवा,ना जाने कैसन जमाना आय गवा।अब बिटिया के घर मा, बाप आके रहियैं।  ( हे राम,”ना जाने कैसा जमाना आ गया है” कि अब बेटी के घर में उसका पिता आकर रहेंगे।)  राशि के ससुर बड़बड़ा रहे थे अपने एक हमउम्र साथी से।  देखा भैया,इनका बेटवा बहू भी उसी शहर में रहता है पर … Read more

किस्मत के खेल निराले – सुषमा यादव: Moral stories in hindi

Moral Story in hindi

सागर की मां ने सागर के पिता जी के रिटायर्ड होने पर गांव में मानस और यज्ञ, तथा भंडारा का आयोजन किया था।  उन्होंने अपनी बेटी, दामाद और बेटे बहू को भी आग्रह पूर्वक आने का आमंत्रण दिया,, बेटी, दामाद तो पहुंच गए थे यथासमय , परंतु मां, पिता के बहुत अनुनय विनय करने पर … Read more

खूबसूरत रिश्ते – सुषमा यादव: Moral Stories in hindi

prerak kahani

सविता की सौत सीता ने सविता को गले लगाते हुए कहा, छोटी, तुमने तो शादी करने के बाद अपना घर-बार ही भुला दिया है, वो घर आज भी तुम्हारा है। तुम अपने घर और हम सबको कैसे भूल सकती हो। तुमने बहुत अच्छा किया जो दूसरी शादी कर ली। अपने ऊपर का कलंक तुमने धो … Read more

हमारा भाग्य विधाता ऊपर वाला – सुषमा यादव : Moral Stories in hindi

New Project 55

शोभा अपनी बेटी निशा के एमबीबीएस करने के बाद एमडी की काउंसिलिंग के लिए कई जगह उसे लेकर जा रही थी। जहां जहां उसने फार्म भरा हुआ था।  निशा के पापा नहीं थे इसलिए मां ही उसे हर जगह ले जा रही थी।आल इंडिया काउंसलिंग के लिए मां बेटी नोएडा गईं थीं । वहां से … Read more

झांसे में आना – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

New Project 72

मीना के घर में एक किरायेदार बहुत दिनों से रह रहा था। उसका परिवार किसी गांव में रहता था,पर मीना ने कभी पूछा नहीं। खाना पीना वह अपनी फैक्ट्री में ही करता था। कभी कभी उसे पैसों की जरूरत होती तो वह अपनी मकान मालकिन से मांग लेता और वेतन मिलते ही लौटा देता। इस … Read more

जिंदगी इम्तिहान लेती है – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

New Project 96

Moral Stories in Hindi : गरिमा आज खुशी के मारे चहक रही थी। झट से उसने अपनी मां को वीडियो कालिंग किया, मम्मी, मम्मी, यूके के हास्पिटल से मेरा ज्वाइनिंग लेटर आ गया है। अब मैं अपनी दीदी के पास पहुंच जाऊंगी।बस वहां से दो घंटे ही लगेंगे ट्रेन से।अब आप भी हम दोनों के … Read more

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