जहां चाह वहां राह – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi
विनी क्या कर रही है। अरे माँ चार दिन रह गए मेरा स्कूल खुलने वाला है सो नई किताबें आयेंगीं उन्हीं के लिए अलमारी साफ कर रही हूँ। पर बेटा तेरे पापा तो मना कर रहे हैं आगे पढ़ाने से। क्यों मम्मी क्या हुआ मैं तो पूरे जिले प्रथम आई हूँ अपने स्कूल में और … Read more