एक शादी ऐसी भी – सुषमा यादव

New Project 49

किसी शादी में चले जाएं तो लोग इतना दिखावा करते हैं,हम हैरान रह जाते हैं। उनके पास इतना पैसा नहीं होता है कि वो अमीरों या उच्च मध्यम वर्गीय लोगों जैसे पानी की तरह बेतहाशा पैसा शादी में बहाएं। पर कुछ लोग दिखावे में आकर खूब धूमधाम से शादी करेंगे। वो भला किसी से क्यों … Read more

सबसे बड़ा दान ( अन्न दान) – ऋतु गुप्ता

New Project 48

आज रवि बहुत जल्दी में था, उसे ऑफिस से निकलने में समय ज्यादा हो चुका था। उसे अपनी बेटी आर्या के जन्मदिन के लिए केक का ऑर्डर देना था, जो 2 दिन बाद है।उसने अपनी बेटी से वादा किया था कि इस बार उसके जन्मदिन को यादगार बना देगा।  वह नहीं चाहता था कि उसकी … Read more

शौक या दिखावा – रंजू अग्रवाल “राजेश्वरी’

New Project 47

मई में मुक्ता दीदी के बेटे की शादी थी ।मायके और ससुराल दोनों ही पक्षों के लोग अति उत्साहित थे ।हो भी क्यों न …एक तो परिवार की शादी ऊपर से मुक्ता दीदी के शान शौकत की वजह से चर्चाओं का भी जोर था ।कोई कह रहा था शादी में पचास लाख खर्च होंगे ,कोई … Read more

खुला दरवाजा – डा.मधु आंधीवाल

New Project 46

दामिनी शर्मा एक ऐसा नाम जिसे लोग बहुत सम्मान से लेते थे ।  निर्भीक, निडर और स्पष्ट बोलने वाली  सबकी प्रिय एक रुतबा था उनका । परिवार को बहुत ही प्यार से और  करीने से सींचा था । सीमित संसाधनों में अपने बच्चों के साथ साथ  परिवार के अन्य बच्चों को भी अपने पास रख … Read more

आखिर इतना दिखावा क्यों…? – रोनिता कुंडू

New Project 45

पापा..! देखिए मेरी फ्रेंड शीना की शादी के फोटोग्राफ्स… उसकी शादी कितनी खास तरीके से हुई है… देखिए पुल वेडिंग… कितना ऑसम है ना..! पापा..! आप मेरी भी ऐसी ही शादी करवाएंगे ना..? अनोखी ने अपने पापा मुकुंद जी से कहा… मुकुंद जी: बेटा..! शीना के पापा खानदानी रईस लोग हैं… उनके लिए यह सब … Read more

दिखावटी प्यार… – संगीता त्रिपाठी

New Project 44

रीना घर के कम खत्म कर बालकनी में मोबाइल ले कर बैठ गई, फेसबुक खोला तो पहली पोस्ट उसकी सहेली प्रिया के पति शिशिर की दिखी.., अपनी और प्रिया की खूबसूरत पिक डाल कर उन्होंने कितनी शेर -शायरी लिख कर प्रेम का इजहार किया है ..कितना प्यार करते है शिशिर प्रिया से…. एक मेरे पति … Read more

दूसरी शादी और दोहरा मापदंड – मुक्ता सक्सेना

New Project 43

नोट – आज की कहानी में सिर्फ एक ही व्यक्ति के परिपेक्ष्य में ही लिख रही हूं। बहुत सारी घंटनाक्रमों का समीकरण है जिसे आप लोग समझ सकते है। नाटकीय रूप देने का मन नहीं है क्युकी जो सच्ची बातें है, उनका क्या नाटकीय रूप देना। किसी के व्यवहार से मेल खाए और उसे बुरा … Read more

ग्रैंड पैरेंट्स डे – रश्मि सिंह

New Project 60

शिवि-मम्मा कल ग्रैंड पैरेंट्स डे है, सबके दादा-दादी आएँगे। दादी को बुलाया गया है। शिखा-रुको अभी समीर (शिखा का पति) को फ़ोन कर कहती हूँ कि गाँव से मम्मी को लेते आएँ। शिवि-मम्मी अबकी बार दादी आएगी तो उन्हें यही रोक लेंगे। शिखा-नहीं बेटा उनको यहाँ अच्छा नहीं लगता है गाँव में रहने की आदत … Read more

प्रेरणा – कंचन श्रीवास्तव 

New Project 55

मनीष के द्वारा पकड़े कागज के पुलिन्दे  ने मेरे होश उड़ाए दिए। “सब कुछ संभला रहे तो पुरुष की वाह वाही जरा सा कुछ बिगड़ जाए तो ……………।” इन्हीं दो पाटों के बीच जिंदगी पिस कर रह जाती है  हां यही तो सुनती आ रहीं हूं वर्षों से,मुझे याद है जब भाई (रमेश) हाईस्कूल की … Read more

दिखावा – दीपा माथुर

New Project 50

वाह, मम्मी आज तो आपकी बहु रानी ने आपको स्टेटस पर सबसे पहले बधाई दी है। वान्या ने अपनी मम्मी निर्मला जी को छेड़ते हुए कहा। निर्मला जी हिंदी विषय की व्याख्याता है। स्वभाव में एकदम सरल,वाणी में तो  माधुर्य घुला हुआ और अपनापन ऐसा की हर रिश्ते में उनकी धाक रहती है। सभी प्रयासों … Read more

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