समय बीत जाता है यादें रह जाती हैं – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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बात उस समय की है जब हमारी ग्याहरवीं की परीक्षा ख़त्म हो गई थी और हमारे माता-पिता मेरी शादी की बात चलाने लगे थे माँ ने कहा कि शादी के फ़िक्स होते तक सिलाई कढ़ाई सीख ले और मेरा वहाँ दाख़िला दिलाया ताकि मैं कुछ काम सीख लूँ । वहाँ मेरी मुलाक़ात बहुत सारी लड़कियों … Read more

मैं बेटी के मोह में सही गलत का फर्क भूल गई – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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जब से सुमन की शादी तय हुई है सरिता उसके पीछे पड़ गई थी कि इतने बड़े घर में तेरा ब्याह हो रहा है मुझे डर लग रहा है कि तुम वहाँ कैसे रह पाओगी । सुमन- माँ वे भी इनसान ही हैं और अच्छे लोग हैं आप तो ऐसे कह रही हैं जैसे मैं … Read more

मोहताज – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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जया जब अठारह साल की हो गई थी तो माता पिता ने उसकी शादी कर दी थी । अपने पति का साथ उसे सिर्फ़ दो साल ही मिला था । दो दिन के बुख़ार से ही उसकी मृत्यु हो गई थी । अपने छोटे से बेटे को लेकर वह अकेली हो गई थी । उसकी … Read more

जब बच्चों को अकेले रहने की आदत हो जाती है तो बड़े बुजुर्गों से उन्हें बंधन दिखाई देने लगता है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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प्रणति और हरिप्रसाद मध्यम वर्गीय परिवार के थे । हरिप्रसाद सरकारी स्कूल में गणित पढ़ाया करते थे । उनकी शादी के दो साल बाद उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। उसका नाम आदित्य रखा ताकि सूर्य की तरह वह चमकता रहे । उसी समय उन्होंने सोच लिया था कि अपने बेटे को बहुत पढ़ा लिखाकर … Read more

काश ऐसे समझने वाली सास हर घर में हो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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सरिता की शादी को हुए दो महीने ही हुए थे । जैसे ही उसने ससुराल में कदम रखा था कि सास निर्मला ने उसे अपनी बाँहें फैलाकर घर में स्वागत किया था । करोना के कारण बेटा प्रकाश वर्कफ्रम होम होने से माता-पिता के पास आकर रहने लगा था । उसी समय का उपयोग करते … Read more

भाभी – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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माँ आज बहुत खुश दिखाई दे रही थी I उन्हें इतना खुश मैंने इस बीच नहीं देखा है। हमेशा पैरों में दर्द कमर में दर्द का बहाना चलता रहता है। मैं जैसे ही घर में घुसी उन्होंने चहकते हुए कहा कि प्रतिभा सुन रही हो सोलह तारीख को तुम्हारे बडे भाई और भाभी आ रहे … Read more

अपमान – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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शहर से थोड़ी दूर पर एक अपार्टमेंट है बहुत ही छोटे से छह सौ गज के घर हैं उसमें ही दो कमरे हॉल रसोई छोटी सी बालकनी जिसमें ही बर्तन कपड़े धोना और सुखाना भी पड़ता है । तीन मंजिला है लिफ्ट नहीं है । वहीं के तीसरे मंजिल के एक घर का माहौल कुछ … Read more

आखिरी फ़ैसला – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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मालती अपनी आदत के अनुसार रसोई में चाय बनाने के लिए गई। यह उसकी पुरानी आदत थी वह दो कप चाय बनाकर पति को उठाती उठिए चाय बन गई है और दोनों मिलकर बालकनी में बैठकर बातें करते हुए चाय पीते थे। आज उसने एक कप चाय अपने लिए बनाई और बाहर बालकनी में बैठने … Read more

माँ बाप की दुआओं में भगवान के आशीर्वाद से भी बड़ी शक्ति है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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श्याम सुंदर जी का बँगला शहर से दूर था आसपास कोई घर नहीं थे दूर दूर तक नज़रें घुमाओ तो कहीं एकाध घर दिखाई देता था । अपनी हिफ़ाज़त के लिए उन्होंने एक वाचमेन को रखा था । वे रेवेन्यू डिपार्टमेंट में अच्छे ओहदे पर थे । रोज सुबह वाकिंग करने जाते थे ऑफिस से … Read more

अफ़सोस – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

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देवी अपने माता-पिता की तीसरी संतान थी उसके दो भाई थे । माता-पिता भाई अत्यधिक लाड़ प्यार के कारण उसे घर से बाहर निकलने नहीं देते थे। जब भी वह कहती थी कि माँ बाहर भाइयों को खेलते हुए देखूँगी तब भी माँ बाहर बैठने नहीं देती थी कहतीं थीं कि लड़कियों को चारदीवारी पार … Read more

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