घर की इज्जत – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

New Project 57

राहुल ने अपने साथ जॉब करने वाली इशिता से लव मैरिज कर ली थी,शुरू शुरू में उसके पेरेंट्स नाराज रहे पर  दो बहनों के इकलौते भाई होने के कारण,वो ढीले पड़ गए और उन्हें बहू  बेटे को घर में आने दिया। इशिता की हर संभव कोशिश रहती कि वो सास ससुर को पूरा सम्मान दे,उन्हें … Read more

गिरगिट – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

New Project 50

सोना और परेश की अर्रेंज मैरिज थी।यूं तो सोना कॉलेज ,यूनिवर्सिटी में पढ़ी लिखी लड़की थी,एक जॉब भी कर रही थी पर जब बात शादी की आयी तो उसने माँ बाप के कहे लड़के से झट शादी को हां बोल दी। माँ बता रहीं थीं कि बड़ा कुलीन घर है,लड़का भी बहुत हैंडसम,बढ़िया जॉब कर … Read more

आज्ञाकारी बेटा- डॉ संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

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सुबह के समय बड़ी मधुर हवा बह रही थी,चिड़ियां चहचहा रही थीं,पार्क के एक हिस्से में काफी सारे वृद्ध लाफ्टर थेरेपी कर रहे थे।हाथ उठाकर खिलखिला के हंसना,तरह तरह के मुंह बनाकर ठहाका लगाना सारे वातावरण को खुशनुमा बना रहा था। थोड़ी देर बाद,वो सब हाफ सर्किल बनाकर बैठे गप्प शप में व्यस्त हो गए। … Read more

गलतफहमी – डॉ संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

New Project 45

आज सुबह से ही निशा का सारा बदन टूट रहा था,शायद हल्का सा बुखार भी था ,जैसे ही सुबह का अलार्म बजा,वो हड़बड़ा के उठ बैठी,पास निगाह घुमाई…पतिदेव  मजे से खर्राटे भर रहे थे।दिल किया,उन्हें कह दे,मेरे बस का आज उठना नहीं है,कर लेना खुद काम या बाजार से लेकर कुछ खा लेना। पर कह … Read more

एहसास जिम्मेदारी का – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

New Project 45

“अरे ! , तुम आ गई  अपने मायके से?”सूरज ने चौंक कर रोशनी को देखा जो घर में घुसते ही उसे दिखी। “कितने दिन से घर में उदासी थी आज आई हो तो सच में रोशनी लौट आई है तुमसे…” उसके करीब आते वो बोला। जाओ…जाओ…इन किताबी बातों को अपने उपन्यास में ही लिखा करो,वास्तविक … Read more

बस अब और नहीं – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

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Moral Stories in Hindi : नीरु! तू फिर आ गई?सुशील के मुंह से फिसल गया था अपनी बहन को इतनी जल्दी घर आया देखकर,अभी पिछले हफ्ते ही तो तीन दिन रहकर गई थी,उसने सोचा। लेकिन नीरू बुरा मान गई थी,अच्छा नहीं लगा तो लौट जाती हूं भैया…वो सुबकते हुए बोली,अब अपने मायके आने के लिए … Read more

खेवनहार – डॉ संगीता अग्रवाल   : Moral Stories in Hindi

Moral Story in hindi

Moral Stories in Hindi : हाय अम्मा!रिया अभी तक घर नहीं आई,रात के नौ बज गए है,बड़ी बहू निशा ने सुधा देवी से कहा तो उनका माथा ठनका। रोज रोज,रिया को काफी देर होने लगी थी,और आती भी दूसरों की गाड़ी में थी,क्या सचमुच रिया के कदम बहक रहे हैं?वो सोच में पड़ गई। रात … Read more

ऑनर किलिंग- डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 41

Moral Stories in Hindi : क्या??क्या कह रहे हो रेशू के बापू??तुम मार दोगे दोनो को?कौशल्या बेहोश होते हुए बोलीं। और नहीं तो क्या?तुम्हें क्या लगा कि दूसरी जाति की लड़की को घर ब्याह कर ले आऊंगा अपने बेटे की दुल्हन बना कर? चौधरी राजवीर गर्जा। लेकिन तुम भूल गए हमारा रेशू कितनी मन्नतों बाद … Read more

जैसे तो तैसा – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 99

Moral Stories in Hindi : – राघव का सारा चेहरा आंसुओं से भीग रहा था,उसे रहरह कर अपनी गलतियां ध्यान आ रही थीं पर अब उनसे बचने का कोई रास्ता नहीं था सिवाय उसके दुष्परिणाम भुगतने के। दूर आश्रम में अपने गुरुजन के सानिध्य में बैठा,गौ सेवा करता ,वो सोच रहा था कि कोई सहसा … Read more

पछतावा- संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

New Project 96

Moral Stories in Hindi : बहुत दिनों बाद मिले थे वो दोनो,”कितनी पक्की दोस्ती हुआ करती थी कभी हमारी और आज देखो!अचानक मिल गए..” रंजन ने निशांत को गले लगाते कहा। कितना बदल गया है तू?पहचान ही नहीं आ रहा था,तबियत ठीक नहीं क्या?सब ठीक?? हम्मम.. बुझे स्वर में निशांत बोला,चल रही है जिंदगी…। रंजन … Read more

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